Kashmir Files
कर्नल सुनील कोटनाला के सभी कौशल इस उपन्यास में समाहित हैं। यह एक सामयिक कृति है, जो कश्मीर में होनेवाली घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है— जो दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्रों में से एक है और जहाँ विचारधारा, धर्म एवं जातीयता के बीच लगातार टकराव है।
अतीत में भारतीय सेना को बिना स्पष्ट जनादेश, खुफिया कवर या राजनीतिक समर्थन के आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में झोंक दिया गया। यह कहना पर्याप्त है कि हम हमेशा गले तक गंदगी में डूबे हुए थे। सबसे बढक़र, हमारे मानवाधिकार कार्यकर्ता उन्हीं भारत-विरोधी अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, जो हमारे सैनिकों को प्रताड़ित कर रहे थे, मार रहे थे और अपंग कर रहे थे। पिछले कुछ वर्षों में सिर के ऊपर से बहुत सारा पानी बह गया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति के रूप में शुरू हुआ कश्मीर अब जिहाद के लिए युद्ध का मैदान बन गया है।
भारतीय सैनिक प्रणम्य हैं जिन्होंने वीरता से लड़ाई लड़ी है। सशस्त्र बलों ने यह सब सरकार या अपने हमवतन—इस देश के लोगों के खिलाफ शिकायत के बिना किया है, जो उनके लिए बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन कभी नहीं किया।
वैसे यह एक उपन्यास है—फिर भी, यकीन है कि इसका स्कूल और विश्वविद्यालय की कक्षाओं में पाठन कराया जाएगा। इसमें मनोरंजन है, यह रोमांचित भी करता है। सुनील दैनिक क्रूरताओं का चित्रण करते हैं, जो युद्धक्षेत्रों की विशेषता है।
| ISBN/SKU | 9789355210975 |
| Imprint | Prabhat Prakashan |
| Format | Paperback |
| Pages | 224 |
| Year of Pub. | 2022 |
