UNFOLDED: ऑपरेशन सफेद सागर—पहाड़ों में कैसे लड़ते हैं वायु योद्धा (Hindi)
27 जून 1999 की रात, छह मिग-21 विमान रेडियो साइलेंस के साथ मुश्कोह घाटी में दाखिल हुए, जिन्हें रनवे के किनारे खड़े एक व्यक्ति ने हरी बत्ती दिखाकर रवाना किया था, क्योंकि रेडियो पर भरोसा नहीं किया जा सकता था। वे अठारह हज़ार फीट ऊँचे पहाड़ों के बीच, अंधेरे में, बिल्कुल नीची उड़ान पर एक ऐसा लड़ाकू विमान उड़ा रहे थे जो केवल दिन में लड़ने के लिए बना था।
कैसे?
पहाड़ अपने नियम खुद बनाते हैं। छह नियम—हवा, फैलाव, ऊँचाई, दृष्टि, समय, वज़न—और आज तक कोई भी वायु सेना इनमें से एक को भी रद्द नहीं कर पाई है।
अनफोल्डेड: ऑपरेशन सफेद सागर एक ऐसी वायु सेना की कहानी है जिसने कारगिल में गोलियों और तोपों की बौछार के बीच इन नियमों को खोजा: दो दिनों में तीन विमान गँवाए, और एक हफ्ते के भीतर युद्ध लड़ने के हर तौर-तरीके को नए सिरे से दोबारा लिख दिया।
यह सियाचिन में चलाए गए ऑपरेशन मेघदूत की भी कहानी है। अगर किसी पहाड़ पर बम गिराना एक टेढ़ी खीर है, तो उस पर इंसानों को ज़िंदा रखना उससे भी कहीं ज़्यादा मुश्किल काम है, और भारत 1984 से हर उस दिन यह पहेली सुलझा रहा है जिस दिन उड़ान भरना मुमकिन होता है।
बम नीचे गिरते हैं। ज़िंदगी ऊपर उठती है। दोनों उन्हीं छह नियमों का पालन करते हैं।
| ISBN/SKU | 9789347590566 |
| Imprint | Fauji Yuva | The Browser |
| Language | English |
| Format | Paperback |
| Pages | 200 |
| Year of Pub. | 2026 |
